उत्तर प्रदेश की राजनीति में कई दशकों तक अपने रसूख और बेबाक बयानों के लिए जाने जाने वाले पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का एक ताजा बयान इस समय राज्य के सियासी गलियारों में सबसे बड़ा सस्पेंस बन गया है। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरफेर (चढ़ावा चोरी) के आरोपों पर जहां एक तरफ बीजेपी और विपक्ष आमने-सामने हैं, वहीं बृजभूषण सिंह के एक बयान ने इस पूरी लड़ाई को एक नया और रहस्यमयी मोड़ दे दिया है।
यह पहला मौका है जब राजनीतिक हलकों में ‘दबदबा’ रखने का दावा करने वाले नेता के मुंह से ‘डर’ और ‘लाचारी’ जैसे शब्द सुनने को मिले हैं।
लाचारी या कोई नई सियासी चाल
गोंडा में मीडिया कैमरों के सामने जब बृजभूषण सिंह से मंदिर चढ़ावे को लेकर सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब किसी फिल्मी थ्रिलर के डायलॉग जैसा था। उन्होंने कहा:
राजनीतिक पंडितों के लिए बृजभूषण सिंह का यह बयान किसी पहेली से कम नहीं है। जो नेता बड़े से बड़े विवादों में कभी पीछे नहीं हटा, उसका अचानक खुद को ‘बेचारा और कमजोर’ बताना किसी बड़े अंदरूनी घमासान की तरफ इशारा करता है। अपनी बात को वजन देने के लिए उन्होंने रामायण के लंका कांड से विभीषण की लाचारी वाली चौपाई भी पढ़ी।
जनता के बीच चर्चा: “जब वो असुरक्षित हैं, तो सच कौन बताएगा
बृजभूषण सिंह के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर आम जनता और समर्थकों के बीच एक नई बहस छिड़ गई है:
- आम जनता का सवाल: लोग पूछ रहे हैं कि अगर राम मंदिर जैसे पवित्र स्थान के चढ़ावे से जुड़ा सच इतना बड़ा है कि एक पूर्व सांसद को भी अपनी सुरक्षा की चिंता होने लगी है, तो फिर इस देश में सच कौन बोलेगा?
- अखिलेश यादव के आरोपों को बल: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव इस मामले की न्यायिक जांच की मांग पहले ही कर चुके हैं। बृजभूषण सिंह के इस ‘डर’ वाले बयान ने विपक्ष के उन आरोपों को और मजबूत कर दिया है जिसमें वे इस मामले को ‘बड़ा घोटाला’ बता रहे हैं।
आगे क्या?
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है, लेकिन बृजभूषण सिंह की इस ‘रहस्यमयी चुप्पी’ और ‘सही समय पर धमाका करने’ की चेतावनी ने मामले को ठंडे बस्ते में जाने से रोक दिया है।
अब देखना यह होगा कि खुद को ‘दांतों के बीच जीभ की तरह’ फंसा बताने वाले बृजभूषण सिंह का यह ‘सही समय’ कब आता है, और जब वे सच सामने लाएंगे, तो यूपी की सियासत में कितना बड़ा भूचाल आएगा।


