वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव अब पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुका है और दुनिया एक विनाशकारी वैश्विक युद्ध के मुहाने पर आकर खड़ी हो गई है। अमेरिकी वायुसेना द्वारा की गई बमबारी के जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को पूरी तरह सील करने का ऐतिहासिक एलान कर दिया है। इसके तुरंत बाद, मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है और फारस की खाड़ी युद्ध के मैदान में तब्दील हो गई है।
ईरान का ‘नो एंट्री’ का एलान: वैश्विक तेल आपूर्ति पर सबसे बड़ा संकट
गुरुवार सुबह आई अपडेट्स के अनुसार, ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज स्ट्रेट को सभी प्रकार के कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों के लिए बंद कर दिया है।
इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने सख्त लहजे में चेतावनी जारी करते हुए कहा है:
चूंकि पूरे विश्व की कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है, इस नाकेबंदी के कारण खाड़ी देशों से होने वाला तेल निर्यात पूरी तरह ठप होने की कगार पर है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में इस खबर के बाद हड़कंप मच गया है और वैश्विक ईंधन संकट का खतरा गहरा गया है।
बहरीन में गूंजे एयर रेड सायरन, अमेरिकी ‘फिफ्थ फ्लीट’ पर निशाना
होर्मुज स्ट्रेट को सील करने के साथ ही ईरानी सेना ने बहरीन की तरफ अपनी मिसाइलों का रुख कर दिया है। गुरुवार को बहरीन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देश के कई हिस्सों में अचानक ‘एयर रेड सायरन’ बज उठे, जिससे आम नागरिकों और विदेशी दूतावासों में भारी अफरा-तफरी मच गई।
ईरानी सैन्य सूत्रों का दावा है कि उनके बलों ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के सबसे ताकतवर और रणनीतिक ‘फिफ्थ फ्लीट’ (Fifth Fleet) के मुख्यालय को सीधे निशाने पर लेकर मिसाइलें दागी हैं। ईरानी सेना ने अमेरिका को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनके हितों पर आगे कोई भी हमला हुआ, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा।
अमेरिकी सेंटकॉम का खंडन, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की बड़ी कार्रवाई
ईरान के इस बड़े दावे के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। सेंटकॉम ने ईरान के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं हुआ है और न ही अमेरिकी नौसैनिक जहाजों पर कोई सफल हमला हुआ है।
हालांकि, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देशों के बाद अमेरिकी सेना ने शाम 5:15 बजे (अमेरिकी समयानुसार) से ईरान के कई संवेदनशील ठिकानों पर विनाशकारी ‘सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक’ का नया दौर शुरू कर दिया है।
इन ठिकानों पर अमेरिका ने बरसाए गोले
अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने दक्षिणी ईरान के रणनीतिक क्षेत्रों को निशाना बनाया है:
- केशम द्वीप (Qeshm Island) के सैन्य ठिकाने।
- हेंगाम द्वीप (Hengam Island) के पास ईरानी रडार सिस्टम।
- बंदर अब्बास एयरपोर्ट (Bandar Abbas Airport) के नजदीक मौजूद डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर।
इन ताबड़तोड़ प्रोजेक्टाइल्स और हवाई हमलों के बाद समुद्री सीमा में दोनों सेनाओं के बीच आमने-सामने की झड़पें और तेज हो गई हैं। स्थिति प्रतिपल बिगड़ती जा रही है और दुनिया भर के राजनयिक इस तनाव को रोकने के लिए


