तमिलनाडु की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब डीएमके नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के चेन्नई के नीलांगराई स्थित आवास पर तड़के भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्हें हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई, जिसके विरोध में डीएमके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उनके आवास के बाहर जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
बताया जा रहा है कि यह मामला तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान उदयनिधि स्टालिन की कथित टिप्पणी से जुड़ा है। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की महिला विंग ने आरोप लगाया कि उन्होंने अभिनेत्री तृषा कृष्णन और मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को लेकर आपत्तिजनक एवं द्विअर्थी टिप्पणी की, जिसके बाद तंजावुर पुलिस थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।
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शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आगे की कार्रवाई के तहत चेन्नई स्थित उनके आवास पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। बाद में पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया। हालांकि, पुलिस की ओर से हिरासत और कार्रवाई के कारणों को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
हिरासत में लिए जाने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित मामला बताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला पूरी तरह फर्जी है और वे कानूनी तरीके से इसका सामना करेंगे।
वहीं, TVK नेताओं ने उदयनिधि के कथित बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस घटनाक्रम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

