रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऑनलाइन ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में MG मोटर्स की फर्जी एजेंसी दिलाने के नाम पर 21 लाख 45 हजार 700 रुपये की रकम ऐंठी गई, जबकि दूसरे मामले में क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर एक चिकित्सा अधिकारी से 25 लाख 66 हजार 900 रुपये की ठगी का आरोप है। दोनों मामलों में संबंधित थानों की पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक पर MG एजेंसी का फर्जी विज्ञापन
पहला मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, रायपुर निवासी सिविल कांट्रेक्टर ने 27 जुलाई 2026 को फेसबुक पर MG मोटर्स का रायपुर में शोरूम खोलने से संबंधित एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए लिंक के जरिए उन्होंने एजेंसी के लिए आवेदन किया।
इसके बाद एक महिला ने फोन कर खुद को MG मोटर्स की कर्मचारी बताया। बातचीत के दौरान शोरूम के लिए प्रस्तावित जमीन की तस्वीरें और अन्य जानकारी मांगी गई। आरोपी ने एजेंसी के आवेदन को आगे बढ़ाने के नाम पर पीड़ित से संपर्क बनाए रखा।
पहले 2.95 लाख, फिर 18.50 लाख जमा कराए
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पंजीयन के नाम पर 2 लाख 95 हजार 700 रुपये जमा कराए। इसके बाद सुरक्षा राशि के नाम पर 18 लाख 50 हजार रुपये और जमा करवाए गए। इस तरह पीड़ित से कुल 21 लाख 45 हजार 700 रुपये ट्रांसफर कराए गए।
इसके बाद आरोपियों ने 12 MG कारें भेजने का भरोसा दिया और गाड़ियों की कीमत का 20 प्रतिशत अतिरिक्त जमा करने को कहा। इतनी बड़ी रकम दोबारा मांगे जाने पर पीड़ित को संदेह हुआ।
MG के कॉर्पोरेट ऑफिस पहुंचने पर खुला मामला
पीड़ित ने मामले की सच्चाई जानने के लिए 30 सितंबर को MG मोटर्स के गुरुग्राम स्थित कॉर्पोरेट ऑफिस से संपर्क किया। वहां पूछताछ के दौरान उसे पता चला कि जिन लोगों से उसकी बातचीत हो रही थी, वे कंपनी के कर्मचारी नहीं थे। इसके बाद उसे अपने साथ ठगी होने का पता चला और उसने डीडी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और लेनदेन से जुड़े अन्य सुरागों की जांच कर रही है।
क्रिप्टो निवेश में डॉक्टर से 25.66 लाख की ठगी
दूसरा मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। यहां एक चिकित्सा अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई है कि फेसबुक के जरिए संपर्क में आई एक युवती ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2026 में फेसबुक के माध्यम से रेशमी गुप्ता से उनकी पहचान हुई। बातचीत के दौरान क्रिप्टो निवेश की जानकारी दी गई और बाद में उन्हें सुरेश चौहान से संपर्क कराया गया। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर कराया गया।
शुरुआत में दिखाया मुनाफा, फिर अलग-अलग खातों में जमा कराई रकम
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, शुरुआत में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर मुनाफा दिखाया गया। इससे निवेशक को भरोसा हुआ कि रकम सही जगह लगाई जा रही है। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों और UPI के माध्यम से धीरे-धीरे कुल 25 लाख 66 हजार 900 रुपये जमा कराए गए।
जब डॉक्टर ने 22 सितंबर को अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो कथित तौर पर निकासी रोक दी गई। इसके बाद उनसे वेरिफिकेशन चैनल फीस के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग की गई।
RBI के नाम पर भेजा गया कथित पत्र
शिकायत के मुताबिक, रकम निकालने के लिए RBI की गाइडलाइन का हवाला देते हुए एक पत्र भी भेजा गया। जब डॉक्टर ने इस दस्तावेज की जांच कराई तो उसे कथित तौर पर फर्जी पाया गया। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी का संदेह हुआ।
डॉक्टर ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। इसके बाद आजाद चौक थाने में रेशमी गुप्ता और सुरेश चौहान के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया। पुलिस अब बैंक खातों, UPI ट्रांजेक्शन और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।
ऑनलाइन ठगी के दोनों मामलों में जांच जारी
रायपुर में सामने आए इन दोनों मामलों में ठगी का तरीका अलग-अलग बताया गया है, लेकिन दोनों में सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यम का इस्तेमाल हुआ। एक मामले में फर्जी कंपनी प्रतिनिधि बनकर एजेंसी दिलाने का झांसा दिया गया, जबकि दूसरे मामले में क्रिप्टो ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर रकम ट्रांसफर कराई गई।
पुलिस दोनों मामलों में लेनदेन, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और ठगी में इस्तेमाल किए गए नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

