नई दिल्ली:
भारत और चीन के बीच जारी कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ी और ऐतिहासिक हलचल देखने को मिल सकती है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आ सकते हैं।
2019 के बाद पहला भारत दौरा और पीएम मोदी का निमंत्रण
- जून 2020 में हुई गलवान घाटी झड़प के बाद से दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव के बीच शी जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा होगा। इससे पहले वह 2019 में भारत आए थे।
- रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त 2025 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निमंत्रण को चीनी राष्ट्रपति ने स्वीकार कर लिया है।
वैश्विक दिग्गज भी होंगे शामिल
मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच आयोजित हो रहे इस 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में रूस और ईरान के राष्ट्रपति भी शामिल होंगे।
द्विपक्षीय बातचीत का बड़ा अवसर
कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा यह शिखर सम्मेलन भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने, कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।
मुख्य स्रोत: India.Com – Hindi

