नई दिल्ली:
भारत के कृषि निर्यात को नई उड़ान देते हुए कर्नाटक के नीलम और तोतापुरी आमों की पहली हवाई खेप (एयर शिपमेंट) मालदीव भेजी गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारतीय बागवानी उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह पहल कर्नाटक के आम उत्पादकों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के नए अवसर खोलेगी।
पीयूष गोयल ने इस ऐतिहासिक निर्यात के लिए एपीडा (APEDA) की सराहना करते हुए कहा कि यह कदम फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPOs), निर्यातकों और कृषि उद्यमियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय पहचान और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता दोनों मजबूत होंगी।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, एपीडा की पहल पर एक मीट्रिक टन नीलम और तोतापुरी आमों की पहली एयर शिपमेंट मालदीव के लिए रवाना की गई। यह खेप कर्नाटक के कोलार जिले के किसानों से सीधे खरीदी गई, जो एक फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी से जुड़े हैं। निर्यात एक नव-पंजीकृत महिला उद्यमी द्वारा किया गया, जो भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र में महिला भागीदारी को भी दर्शाता है।
सरकार का कहना है कि नीलम और तोतापुरी आम देर से पकने वाली किस्में हैं, जिससे भारत के आम निर्यात सीजन को बढ़ाने और विदेशी बाजारों की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। इस पहल से किसानों को पारंपरिक बाजारों की तुलना में बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है और भारत के कृषि निर्यात को नई गति मिलेगी।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

