दिल्ली-एनसीआर के दूसरे बड़े हवाई अड्डे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से आज सोमवार को कमर्शियल उड़ानों की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई है। इस खास मौके को और भी यादगार बनाते हुए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने उन किसानों और उनके परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए स्वेच्छा से अपनी पुश्तैनी जमीन दी थी।
कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सरकार ने इन किसानों के लिए एक बेहद खास तोहफा तैयार किया है।
पहली उड़ान से लखनऊ रवाना हुए किसान
एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाली पहली कमर्शियल फ्लाइट से जेवर क्षेत्र के 170 किसान (जिनमें 20 महिलाएं भी शामिल हैं) लखनऊ के लिए रवाना हुए। लखनऊ पहुँचने पर इन किसानों की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ एक विशेष बैठक आयोजित की गई है। जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह किसान दल मुख्यमंत्री से मिलकर क्षेत्र के विकास और इस बेहतरीन तोहफे के लिए उनका आभार व्यक्त करेगा।
लखनऊ और बेंगलुरु के लिए उड़ानें शुरू
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज कुल चार गंतव्यों (Destinations) के लिए उड़ानों की शुरुआत हुई है।
- पहली फ्लाइट: इंडिगो (IndiGo) की फ्लाइट (6E-2278) लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़कर जेवर पहुँची।
- आगे का सफर: यही विमान जेवर से आगे बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ। इसके साथ ही बेंगलुरु और अन्य शहरों के लिए भी आज से विमान सेवा शुरू हो गई है।
एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में होगा शामिल
केंद्रीय मंत्री ने एयरपोर्ट की भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि:
- शुरुआती क्षमता: यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों की क्षमता के साथ शुरू हो रहा है।
- भविष्य का विस्तार: टर्मिनल के सेचुरेट होने पर इसका विस्तार किया जाएगा। चौथे चरण के पूरा होने तक इसकी क्षमता को बढ़ाकर 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष करने का लक्ष्य है।
- पूरा होने के बाद जेवर एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक और भारत के टॉप 5 एयरपोर्ट्स में शामिल हो जाएगा।
₹11,200 करोड़ का पहला चरण
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के पहले चरण के निर्माण में लगभग 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है जो बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है। साथ ही यहाँ आधुनिक इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एडवांस एयरफील्ड लाइटिंग लगाई गई है, जिससे यह एयरपोर्ट हर मौसम में 24 घंटे काम करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार को भी एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।