हिसार: हरियाणा के हिसार की सीनियर सेकेंडरी स्कूल शिक्षिका सुमन मलिक अपनी अनोखी सामाजिक पहल से शिक्षा और मानवता की मिसाल पेश कर रही हैं। स्कूल में नियमित ड्यूटी पूरी करने के बाद वह रोजाना ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देकर उनके भविष्य को संवारने का काम कर रही हैं।
सुमन मलिक वर्तमान में करीब 25 बच्चों को नि:शुल्क पढ़ा रही हैं। वह केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों को कॉपियां, पेंसिल और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी अपने स्तर पर उपलब्ध कराती हैं। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखते हुए वह प्रतिदिन अपने घर से 12 टिफिन भोजन तैयार करके लाती हैं, ताकि पढ़ाई के साथ बच्चों को पौष्टिक आहार भी मिल सके।
आठ अलग-अलग विषयों में एमए की डिग्री हासिल कर चुकी सुमन मलिक को इस मिशन की प्रेरणा एक बस यात्रा के दौरान मिली। उन्होंने देखा कि अशिक्षा के कारण एक मजदूर परिवार को अपमान और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। इस घटना ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया और उन्होंने वंचित बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प लिया।
उनकी मेहनत और समर्पण का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। लगातार प्रयासों के बाद स्थानीय प्रशासन भी इस पहल से जुड़ गया है और बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष कक्ष की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों को बेहतर माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
सुमन मलिक की यह मुहिम न केवल बच्चों को शिक्षा से जोड़ रही है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रही है कि एक व्यक्ति की सकारात्मक सोच और प्रयास कई जिंदगियों में बदलाव ला सकते हैं। उनकी यह पहल आज अनेक लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है और शिक्षा के माध्यम से बेहतर भविष्य गढ़ने की मिसाल पेश कर रही है।


