नई दिल्ली:
संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर NEET मुद्दे पर चर्चा से बचने और सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया,
जबकि कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री की हालिया टिप्पणियों को “उकसाने वाला” बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
रिजिजू ने कहा कि सरकार शुरुआत से ही NEET पेपर लीक और उससे जुड़े सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा किस नियम के तहत होगी, इसका निर्णय सभापति और सभी दलों से विचार-विमर्श के बाद किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह चर्चा की मांग तो करता है, लेकिन शर्तें लगाकर बहस को आगे नहीं बढ़ने देता।
वहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि निष्पक्ष चर्चा तभी संभव है जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उन्होंने सरकार पर छात्रों के मुद्दे को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री की हालिया टिप्पणियां माहौल को और भड़काने वाली हैं। विपक्ष ने NEET मामले पर चर्चा राज्यसभा के नियम 267 के तहत कराने की मांग भी दोहराई।
सदन में लगातार हंगामे और नारेबाजी के बीच कार्यवाही कई बार बाधित हुई। सरकार ने दोहराया कि वह NEET विवाद, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों से जुड़े सभी मुद्दों पर खुली चर्चा के लिए तैयार है, जबकि विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा रहा। इसी गतिरोध के कारण राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

