नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब की सियासत को लेकर देश की जानी-मानी राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने एक बड़ा और दिलचस्प दावा किया है। नीरजा चौधरी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब में अपनी जमीन मजबूत करने के लिए ठीक उसी रणनीति पर काम कर रही है, जो उसने कुछ साल पहले पश्चिम बंगाल में अपनाई थी।
‘जमीन से बनाई जा रही है नई इमारत’
एक विशेष बातचीत में नीरजा चौधरी ने कहा, “बीजेपी पंजाब में बिल्कुल जमीनी स्तर (बॉटम) से पार्टी का निर्माण कर रही है, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने पश्चिम बंगाल में किया था।” राजनीतिक गलियारों में इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) से गठबंधन टूटने के बाद, बीजेपी अब किसी बैसाखी के भरोसे रहने के बजाय खुद को राज्य में एक मुख्य विकल्प के रूप में स्थापित करना चाहती है।
क्या है बीजेपी का ‘बंगाल मॉडल’?
याद दिला दें कि पश्चिम बंगाल में भी एक समय बीजेपी की मौजूदगी बेहद मामूली थी। लेकिन पार्टी ने बूथ स्तर पर काम किया, जमीन से कार्यकर्ताओं को जोड़ा और देखते ही देखते वह राज्य में मुख्य विपक्षी दल बन गई। पंजाब में भी पार्टी अब पारंपरिक शहरी वोट बैंक से आगे बढ़कर ग्रामीण इलाकों, दलित समुदायों और सिखों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।
त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबले में बीजेपी की नजर
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है, जबकि कांग्रेस मुख्य विपक्ष की भूमिका में है। ऐसे में कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे बड़े चेहरों को साथ लाकर और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत कर बीजेपी राज्य के राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह बदलने की कोशिश में है।

