लखनऊ: देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर युवाओं का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ का ईको गार्डन छात्रों और युवाओं के जोरदार विरोध प्रदर्शन का गवाह बना। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जुटे युवाओं ने परीक्षा प्रणालियों में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला और अपनी आवाज बुलंद की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े छात्र
देशव्यापी आंदोलन के हिस्से के रूप में आयोजित इस प्रदर्शन में युवाओं का सबसे ज्यादा गुस्सा नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर देखने को मिला।
- इस्तीफे की मांग: ईको गार्डन में इकट्ठा हुए आक्रोशित छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तुरंत इस्तीफे की मांग उठाई।
- भविष्य से खिलवाड़: प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के सपनों पर पानी फिर रहा है, जिससे उनका इस पूरी व्यवस्था से विश्वास उठता जा रहा है।
‘दिल्ली से पुणे तक गूंज, अब अमृतसर-बेंगलुरु की बारी’ — अभिजीत दीपके
प्रदर्शन के दौरान सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनका यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण है, जिसका एकमात्र उद्देश्य देश के युवाओं और छात्रों की जायज आवाज को बहरी सरकार तक पहुंचाना है।
अभिजीत दीपके ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया:
युवाओं की सरकार से प्रमुख मांगें
ईको गार्डन में डटे प्रदर्शनकारियों ने साफ किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती, उनका यह देशव्यापी आंदोलन थमेगा नहीं। युवाओं ने सरकार के सामने निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- पारदर्शी परीक्षा प्रणाली: सभी प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाया जाए।
- दोषियों पर सख्त कार्रवाई: पेपर लीक माफिया और परीक्षा में धांधली कराने वाले बड़े अधिकारियों व दोषियों के खिलाफ ऐसी सख्त कानूनी कार्रवाई हो जो एक मिसाल बने।
- जवाबदेही तय हो: बार-बार हो रहे इन विवादों पर सरकार अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करे और जवाबदेही तय करे।
निष्कर्ष: लखनऊ में हुआ यह प्रदर्शन इस बात का साफ संकेत है कि देश का युवा अब अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आने वाले दिनों में 20 जून को दिल्ली में होने वाला महा-प्रदर्शन सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।


