बेंगलुरु, 15 जून: कर्नाटक सरकार में मंत्री Priyank Kharge ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने RSS प्रमुख Mohan Bhagwat को पत्र लिखकर संगठन की कानूनी स्थिति, वित्तीय स्रोतों और कर अनुपालन को सार्वजनिक करने की मांग की है।
अपने पत्र में खड़गे ने कहा कि देश में काम करने वाले सभी संगठनों को कानून के दायरे में रहकर पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने RSS से अपनी गतिविधियों, वित्तीय लेन-देन और संगठनात्मक ढांचे की जानकारी सार्वजनिक करने तथा कर संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की।
खड़गे ने सवाल उठाया कि जब देश में छोटे-छोटे संस्थानों और व्यवसायों को भी पंजीकरण और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है, तो RSS किस कानूनी प्रावधान के तहत अलग व्यवस्था का लाभ उठा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन को अपनी वैधानिक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
यह पहली बार नहीं है जब खड़गे ने RSS के वित्तीय मामलों पर सवाल उठाए हैं। इससे पहले भी वे संगठन के फंडिंग स्रोतों और टैक्स संबंधी स्थिति को लेकर सवाल उठा चुके हैं तथा अधिक जवाबदेही की मांग कर चुके हैं।
दूसरी ओर, RSS की ओर से पहले यह कहा जा चुका है कि संगठन की संरचना और कार्यप्रणाली को लेकर कानूनी व कर संबंधी स्थिति स्पष्ट है। संघ प्रमुख मोहन भागवत भी पूर्व में इस विषय पर अपना पक्ष रख चुके हैं।
खड़गे की इस चिट्ठी के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।