कोलकाता:
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने उनके संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में पार्टी कार्यालय के समीप हुई तोड़फोड़ (डिमोलिशन ड्राइव) को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अभिषेक बनर्जी ने इसे विपक्ष और केंद्रीय एजेंसियों के इशारे पर की गई एक ‘दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई’ करार दिया है।
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- कार्रवाई पर जताई कड़ी आपत्ति: डायमंड हार्बर कार्यालय में हुई डिमोलिशन ड्राइव की लाइव रिपोर्टिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास और कानून-व्यवस्था के नाम पर केवल टीएमसी समर्थकों और उनके दफ्तरों को निशाना बनाया जा रहा है।
- बदले की राजनीति का आरोप: बनर्जी ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला न कर पाने वाले लोग अब सरकारी तंत्र और एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि डायमंड हार्बर की जनता इस तरह की दमनकारी नीति का जवाब आने वाले समय में राजनीतिक रूप से देगी।
- कार्यकर्ताओं को संयम बरतने की सलाह: घटना के बाद क्षेत्र में बढ़े तनाव को देखते हुए अभिषेक बनर्जी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को कानूनी रूप से कोर्ट में चुनौती देंगे और जनता की अदालत में भी ले जाएंगे।
- विपक्ष का पलटवार: दूसरी तरफ, विपक्षी दलों (बीजेपी और वामपंथ) ने इस डिमोलिशन ड्राइव का समर्थन करते हुए इसे अवैध निर्माण के खिलाफ एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है। विपक्ष का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह सत्तारूढ़ दल का कार्यालय ही क्यों न हो।
अभिषेक बनर्जी का रुख:
“डायमंड हार्बर की जनता के हक और उनकी आवाज को इस तरह की बुलडोजर संस्कृति या किसी डिमोलिशन ड्राइव से दबाया नहीं जा सकता। हम हर अन्याय के खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेंगे।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

