पटना: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘घुसपैठ’ को लेकर दिए गए बयान पर पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार देश के वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे मुद्दों को हवा दे रही है। पप्पू यादव ने केंद्र सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब 12 साल सत्ता में रहने के बावजूद सरकार पेपर लीक, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं कर सकी है।
पप्पू यादव ने दावा किया कि इन मुद्दों को लेकर जनता में नाराजगी है और 2029 में सरकार की विदाई तय है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक बयानबाजी के बजाय रोजगार, महंगाई, शिक्षा और किसानों से जुड़े सवालों पर ध्यान देना चाहिए।
हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर भी साधा निशाना
सांसद पप्पू यादव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन नेताओं को सार्वजनिक बयान देते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों और अमर्यादित भाषा से राजनीतिक संवाद का स्तर गिरता है। पप्पू यादव ने नेताओं से संयम बरतने और मुद्दों पर आधारित राजनीति करने की अपील की।
‘जनता के मुद्दों पर हो चर्चा’
पप्पू यादव ने कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक और किसानों की समस्याएं जैसे मुद्दे सीधे तौर पर आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों को इन सवालों पर जवाबदेही तय करनी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता अब केवल आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि रोजगार, बेहतर शिक्षा, महंगाई से राहत और किसानों के लिए ठोस नीतियों की उम्मीद कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता इन मुद्दों के आधार पर अपना फैसला करेगी।

