कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला क्षेत्र में बुधवार को एक निर्माणाधीन गोदाम में बड़ा हादसा हो गया। निर्माण कार्य के दौरान गोदाम की छत और लोहे का विशाल ढांचा अचानक ढह गया, जिससे वहां मौजूद कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय गोदाम परिसर में बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे थे। अचानक हुए इस हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही प्रशासन, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल और अन्य बचाव एजेंसियां घटनास्थल पर पहुंच गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 13 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि 40 से अधिक श्रमिक अब भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
भारी मशीनों की मदद से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
रेस्क्यू टीमों ने घटनास्थल पर युद्धस्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। भारी क्रेन, जेसीबी मशीनों और गैस कटर की सहायता से लोहे के विशाल ढांचे को हटाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि हर मिनट महत्वपूर्ण है और सभी संसाधनों को बचाव कार्य में लगाया गया है।
हादसे के कारणों की होगी जांच
फिलहाल दुर्घटना की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती स्तर पर निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों के पालन, तकनीकी खामियों और ढांचे की मजबूती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है तथा फंसे हुए सभी लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

