कन्नूर (केरल): केरल में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) ने राज्य सरकार की कथित कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों और कर व्यवस्था के विरोध में बुधवार को कन्नूर कलेक्टरेट तक विशाल मार्च निकाला। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जनविरोधी फैसलों को वापस लेने की मांग की।
DYFI ने आरोप लगाया कि सरकार भूमि आवंटन, कराधान और उच्च शिक्षा से जुड़े फैसलों के जरिए आम जनता और युवाओं के हितों की अनदेखी कर रही है। संगठन का कहना है कि इन नीतियों से कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कन्नूर कलेक्टरेट परिसर का घेराव किया और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
वहीं, इस मुद्दे की गूंज केरल विधानसभा में भी सुनाई दी। पीएम श्री योजना को लेकर एलडीएफ विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया और केंद्र तथा राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
इस बीच, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बजट चर्चा के दौरान कहा कि राज्य सरकार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारी संघवाद के सिद्धांतों का उल्लंघन होने पर केंद्र की नीतियों का विरोध किया जाएगा, लेकिन सरकार टकराव की राजनीति में विश्वास नहीं रखती।
कन्नूर में हुए इस प्रदर्शन के बाद राज्य की राजनीति में नए सिरे से बहस छिड़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है।

