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डर या लालच की वजह से दिया धोखा’: तीन पूर्व सांसदों के BJP में जाने पर भड़कीं TMC सांसद डोला सेन

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कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस वक्त एक बड़ा भूचाल आ गया जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन पूर्व राज्यसभा सांसदों—सुस्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाइक और सुखेन्दु शेखर रॉय ने आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। इस बड़े दलबदल पर टीएमसी की फायरब्रैंड सांसद डोला सेन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे ‘डर या लालच’ से प्रेरित बताया है।

” जनता देगी इस धोखे का जवाब

“कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए डोला सेन ने कहा कि इन नेताओं के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा:
“यह एक लोकतांत्रिक देश है, जिसे जो करना है करने दीजिए। जिन्हें धोखा देना है, देने दीजिए। यह डर की वजह से भी हो सकता है और लालच की वजह से भी, मैं इस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहती। लेकिन आम जनता इसका जवाब ज़रूर देगी।”


डोला सेन ने साफ किया कि राजनीति में ममता बनर्जी का चेहरा और आम जनता का जनादेश सबसे बड़ा है। उन्होंने कहा,
“हम सब सेकेंडरी (गौण) हैं। ममता जी हमें नामांकित करती हैं और लोगों से वोट मांगती हैं, तभी हम सांसद या विधायक बनते हैं। इसलिए किसी एक के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

” BJP ने तुरंत दिया राज्यसभा उपचुनाव का टिकट

तीनों पूर्व सांसदों को कोलकाता स्थित बीजेपी राज्य मुख्यालय में पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य की मौजूदगी में पार्टी में शामिल कराया गया। बीजेपी ने बिना वक्त गंवाए इन तीनों को आगामी 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
दूसरी ओर, बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने इन नेताओं का स्वागत करते हुए कहा कि इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के विज़न पर भरोसा जताया है।

उन्होंने टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य की जनता का पैसा लूटने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

क्यों छोड़ी नेताओं ने TMC?

बीजेपी में शामिल होने के बाद सुस्मिता देव और सुखेन्दु शेखर रॉय ने कहा कि वे पीएम मोदी के नेतृत्व में देश और राज्य का विकास करना चाहते हैं। सुखेन्दु शेखर रॉय ने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था की विफलता देखने को मिल रही थी, जिसके कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया।

बता दें कि 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद से ही टीएमसी के भीतर अंदरूनी कलह और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, और इन तीन बड़े चेहरों का जाना ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)

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