- ट्रस्ट का बचाव: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया।
- विपक्ष का हमला: कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और समाजवादी पार्टी (SP) ने दान में हेराफेरी और ‘कवर-अप’ का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा।
- एसआईटी (SIT) जांच: मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
अयोध्या/नई दिल्ली: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विपक्षी दलों के भारी विरोध और आरोपों के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने सोमवार को ट्रस्ट का बचाव किया है।
महंत दिनेन्द्र दास ने इन सभी विवादों पर पूर्ण विश्वास जताते हुए कहा:
विपक्ष ने सरकार को घेरा, लगाया ‘कवर-अप’ का आरोप
इस विवाद को लेकर विपक्षी नेता लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं:
- अखिलेश यादव (सपा प्रमुख): उन्होंने एसआईटी (SIT) के गठन पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि राम भक्तों की आस्था के साथ ऐसा खिलवाड़ अकल्पनीय है। क्या एसआईटी निष्पक्षता से काम कर पाएगी?
- संजय सिंह (AAP सांसद): बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जहां भरत जी ने भगवान राम की पादुका रखकर 14 साल राज किया, वहीं आज उनके नाम पर आए चढ़ावे में हेराफेरी की खबरें आ रही हैं। अरविंद केजरीवाल भी शुक्रवार को दर्शन के लिए अयोध्या जाने वाले हैं।
- तारिक अनवर (कांग्रेस सांसद): उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और सख्त कार्रवाई न होना एक ‘कवर-अप’ का संकेत देता है।
एक तरफ जहां विपक्ष इस मुद्दे पर देशव्यापी आक्रोश की बात कर रहा है, वहीं ट्रस्ट के सदस्यों और समर्थकों का कहना है कि यह केवल राम मंदिर की छवि को धूमिल करने की राजनीतिक साजिश है। सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरे विवाद की असली सच्चाई सामने आ पाएगी।

