चेन्नई (तमिलनाडु): पट्टाली मक्कल काची (PMK) की विधायक सौम्या अंबुमणि ने सोमवार को तमिलनाडु विधानसभा में किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए उनके कृषि ऋणों को पूरी तरह माफ करने की जोरदार मांग की है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि राज्य के किसान भारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं, जिसके कारण किसानों की आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
विधायक सौम्या अंबुमणि द्वारा विधानसभा में उठाए गए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
महाराष्ट्र की तर्ज पर पूर्ण कर्जमाफी की मांग
- किसानों की दुर्दशा: उन्होंने कहा कि देश में जहां बड़े-बड़े उद्योगपति हजारों करोड़ रुपये का लोन लेकर विदेशों में आराम की जिंदगी जी रहे हैं, वहीं मात्र 10,000 रुपये का कर्ज लेने वाला छोटा किसान कर्ज के बोझ और सामाजिक अपमान के कारण आत्महत्या करने पर मजबूर है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हर दिन दो किसान दम तोड़ रहे हैं।
- महाराष्ट्र का उदाहरण: उन्होंने तमिलनाडु सरकार से आग्रह किया कि महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर यहाँ भी किसानों के सहकारी और वाणिज्यिक बैंकों के सभी ऋण तुरंत माफ किए जाने चाहिए।
फसल नुकसान के आकलन के तरीके पर उठाए सवाल
- उन्होंने बाढ़ या भारी बारिश के दौरान फसल नुकसान के लिए अपनाए जा रहे ड्रोन सर्वे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अधिकारी तुरंत खेतों का दौरा करने के बजाय दो-तीन दिन बाद ड्रोन से सर्वे करते हैं, जिससे जलजमाव और वास्तविक नुकसान का सही अंदाजा नहीं मिल पाता।
- इसके अलावा, सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों को फसल बेचने के लिए घंटों धूप और बारिश में इंतजार करना पड़ता है, जिसे दुरुस्त करने की जरूरत है।
जाति आधारित जनगणना का स्वागत
- सौम्या अंबुमणि ने राज्यपाल के अभिभाषण में जाति आधारित जनगणना कराने के फैसले का दिल से स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि जैसे एक कमरे में मोमबत्ती जलाने से पूरा कमरा रोशन हो जाता है, वैसे ही इस घोषणा ने सामाजिक न्याय की उम्मीद जगाई है।
महिला सुरक्षा पर सख्त कानून की पैरवी
- महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि केवल सरकार बदलने से कुछ नहीं होगा। अब समय आ गया है कि अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए दुबई, अरब देशों और सिंगापुर की तरह मृत्युदंड (Death Penalty) जैसे बेहद कड़े कानून तमिलनाडु में भी लागू किए जाएं।
धर्मपुरी जिले के विकास की मांग
- पेयजल संकट: धर्मपुरी से विधायक सौम्या ने शिकायत की कि जिले से दो नदियां बहने के बावजूद लोगों को पीने का पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उन्होंने ‘धर्मपुरी अधिशेष जल योजना’ को जल्द लागू करने की मांग की।
- रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर: उन्होंने धर्मपुरी के सिपकॉट (SIPCOT) औद्योगिक क्षेत्र के पुनरुद्धार और मोराप्पुर-धर्मपुरी रेलवे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने का आग्रह किया ताकि क्षेत्र के लगभग 3 लाख युवाओं को रोजगार मिल सके।

